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पेल्विक फ़्लोर की मांसपेशियों का व्यायाम कैसे करें

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सीढ़ियां चढ़ते हुए अचानक छींक आ जाए और पेशाब की एक बूंद निकल जाए, या भारी सामान उठाते समय पेट के निचले हिस्से में हल्का दबाव महसूस हो – यह अनुभव जितना शर्मिंदा करने वाला लगता है, उतना ही आम भी है। शरीर का जो हिस्सा इन सब चीजों को संभालता है वह है पेल्विक फ्लोर, और अच्छी खबर यह है कि इसे किसी भी अन्य मांसपेशी की तरह घर बैठे, बिना किसी उपकरण के मजबूत किया जा सकता है। इस लेख में आप जानेंगे कि सही मसल पहचानने से लेकर सही तकनीक और आम गलतियों से बचने तक, कदम-दर-कदम क्या करना है।

पेल्विक फ्लोर मसल्स क्या हैं और क्यों जरूरी हैं

पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों और ऊतकों की एक परत है जो मूत्राशय, गर्भाशय और आंत को नीचे से सहारा देती है। यह पब्लिक बोन (श्रोणि के सामने की हड्डी) से लेकर टेलबोन (रीढ़ की सबसे निचली हड्डी) तक फैली होती है और एक झूले की तरह काम करती है। जब यह मजबूत होती है, तो पेशाब और मल पर नियंत्रण बना रहता है, और खांसने, दौड़ने या वजन उठाने जैसी गतिविधियों के दौरान भी शरीर स्थिर रहता है।

यह मांसपेशी समूह कमजोर क्यों पड़ता है, इसके पीछे कई सामान्य कारण होते हैं – गर्भावस्था और प्रसव, उम्र बढ़ना, लंबे समय तक बैठे रहना, अधिक वजन, पुरानी खांसी या कब्ज के कारण बार-बार जोर लगाना। कमजोर पेल्विक फ्लोर के आम संकेतों में छींकते या हंसते समय पेशाब का हल्का रिसाव, पेशाब को रोकने में दिक्कत, या श्रोणि क्षेत्र में भारीपन जैसा अहसास शामिल है। यह किसी बीमारी का निदान नहीं बल्कि एक सामान्य शारीरिक संकेत है, जिसे व्यायाम से सुधारा जा सकता है।

मुख्य बातें एक नज़र में
  • पेल्विक फ्लोर मूत्राशय, गर्भाशय और आंत को सहारा देने वाली मांसपेशी परत है
  • कमजोरी के संकेतों में छींकते समय हल्का रिसाव और श्रोणि में भारीपन शामिल है
  • यह मांसपेशी समूह भी किसी और मांसपेशी की तरह व्यायाम से मजबूत होता है

सही पेल्विक फ्लोर मसल्स को कैसे पहचानें

व्यायाम शुरू करने से पहले सही मांसपेशी समूह को महसूस करना जरूरी है, वरना जोर पेट, जांघ या कूल्हे की मांसपेशियों पर पड़ जाता है और पेल्विक फ्लोर अनछुआ रह जाता है। इसे पहचानने का सबसे सरल तरीका है – जैसे पेशाब की धार को बीच में रोकना हो, वैसा अहसास पैदा करना। ध्यान रहे, यह सिर्फ पहचानने के लिए एक कल्पना है; असल पेशाब के दौरान बार-बार रोकना मूत्राशय की सामान्य कार्यप्रणाली को बिगाड़ सकता है, इसलिए यह अभ्यास सामान्य समय पर, खाली मूत्राशय के साथ करना बेहतर है।

एक और तरीका है हवा रोकने की कल्पना करना, जैसे गैस को नियंत्रित कर रहे हों। जब यह सही मांसपेशी सक्रिय होती है, तो श्रोणि के अंदर हल्का ऊपर की ओर खिंचाव महसूस होता है, न कि पेट या नितंबों में जकड़न। अगर सांस थम रही है या पेट सख्त हो रहा है, तो इसका मतलब है कि गलत मांसपेशी काम कर रही है – एक पल रुककर, शरीर को ढीला छोड़कर दोबारा कोशिश करें।

केगल एक्सरसाइज सही तरीके से कैसे करें

केगल एक्सरसाइज पेल्विक फ्लोर मसल्स को बार-बार संकुचित और शिथिल करने की एक सरल तकनीक है, जिसका नाम इसे विकसित करने वाले डॉक्टर के नाम पर पड़ा। इसे आराम से बैठकर, लेटकर या खड़े होकर किया जा सकता है, बशर्ते शरीर तना हुआ न हो। सबसे पहले सांस सामान्य रखें और शरीर को ढीला छोड़ें।

पेल्विक फ्लोर मसल्स को समझने के लिए महिला अपने शरीर पर ध्यान केंद्रित करती हुई

अब section2 में बताए गए तरीके से पेल्विक फ्लोर मसल्स को धीरे-धीरे ऊपर की ओर खींचें, जैसे कोई हल्की लिफ्ट महसूस हो रही हो। इस खिंचाव को कुछ सेकंड तक बनाए रखें, फिर धीरे-धीरे पूरी तरह ढीला छोड़ दें। संकुचन जितनी देर रुका, आराम भी उतनी या उससे अधिक देर का होना चाहिए, ताकि मांसपेशी को ठीक से आराम मिल सके। सांस को रोकना, पेट को सख्त करना या नितंबों को भींचना – ये तीनों बताते हैं कि तकनीक गलत हो रही है।

शुरुआत में छोटे और छोटे-छोटे संकुचन (जिन्हें कुछ लोग तेज संकुचन कहते हैं) और लंबे, स्थिर संकुचन – दोनों तरह के अभ्यास को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इससे मांसपेशी की सहनशक्ति और तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता, दोनों विकसित होती हैं। यह सामान्य ताकत-प्रशिक्षण सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशी-मजबूती वाले व्यायाम करने की सलाह दी जाती है (ACSM, “Physical Activity Guidelines”)।

शुरुआती और अनुभवी स्तर के लिए अभ्यास योजना कैसी होनी चाहिए

अभ्यास की तीव्रता को धीरे-धीरे बढ़ाना जरूरी है, क्योंकि किसी भी नई मांसपेशी की तरह पेल्विक फ्लोर को भी अनुकूलित होने में समय लगता है। शुरुआती दिनों में संकुचन कम समय और कम दोहराव के साथ किया जाना चाहिए, जबकि अनुभव बढ़ने पर समय और दोहराव दोनों बढ़ाए जा सकते हैं। नीचे दी गई तुलना यह समझने में मदद करती है कि किस स्तर पर क्या उचित है।

पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की संरचना दिखाता सरल चित्र

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पहलू शुरुआती स्तर अनुभवी स्तर
संकुचन का समय कुछ सेकंड तक, जितना आराम से हो सके धीरे-धीरे बढ़ाकर लंबा समय तक
दोहराव कम संख्या में, थकान महसूस होने पर रुकना अधिक संख्या में, दिन में कई बार
मुद्रा लेटकर या बैठकर, सबसे आसान स्थिति खड़े होकर या गतिविधि के दौरान भी
ध्यान केंद्रित सही मसल पहचानना और सांस सामान्य रखना तेज और धीमे संकुचन दोनों का मिश्रण

गर्भावस्था के दौरान इस तरह के व्यायाम को रोजाना करने की सलाह दी जाती है, ताकि प्रसव के बाद रिकवरी में मदद मिल सके (ACSM, “Pregnancy Physical Activity Recommendations”, 2020)। हालांकि सटीक समय और दोहराव व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए किसी निश्चित आंकड़े की जगह अपने शरीर के संकेतों को सुनना बेहतर रहता है – जैसे ही मांसपेशी थकी हुई महसूस हो, अभ्यास रोक देना चाहिए।

पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करते समय कौन-सी गलतियां आम हैं

सबसे आम गलती है सांस रोक लेना – जब मांसपेशी को कसने पर पूरा ध्यान चला जाता है, तो सांस अपने आप थम जाती है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। दूसरी आम गलती है पेट, जांघ या नितंबों की मांसपेशियों को कसना, जो असल में पेल्विक फ्लोर को आराम की स्थिति में ही छोड़ देती है और मेहनत बेकार चली जाती है। इन गलतियों से बचने के लिए हर संकुचन के बाद कुछ पल रुककर यह जांचना उपयोगी है कि सांस सामान्य चल रही है या नहीं।

सही पेल्विक फ्लोर मसल पहचानने का अभ्यास करती महिला

एक और गलती है बहुत जल्दी बहुत ज्यादा करने की कोशिश – मांसपेशी को भी आराम की उतनी ही जरूरत होती है जितनी संकुचन की। अगर कुछ दिनों बाद भी सही संकुचन महसूस नहीं हो रहा है, या पेशाब-मल पर नियंत्रण की समस्या बनी रहती है या बढ़ जाती है, तो यह घर पर सुधारने की बजाय किसी योग्य चिकित्सक या फिजियोथेरेपिस्ट से मिलकर जांच कराने का संकेत है। यह लेख किसी चिकित्सकीय निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।

निष्कर्ष: नियमित अभ्यास से क्या फर्क पड़ता है

पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत बनाना किसी एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक धीमी और निरंतर प्रक्रिया है। सही मसल पहचानना, सही तकनीक अपनाना, धीरे-धीरे तीव्रता बढ़ाना और आम गलतियों से बचना – यही चार बातें मिलकर लंबे समय में फर्क दिखाती हैं। नतीजे हर व्यक्ति में अलग गति से आते हैं, इसलिए तुरंत बदलाव न दिखने पर निराश होने की जरूरत नहीं।

आज से एक छोटी शुरुआत करें – दिन में कुछ पल निकालकर सही मसल को पहचानने का अभ्यास करें, और धीरे-धीरे इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क्या आपने पहले कभी पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज आजमाई है, और अनुभव कैसा रहा?

स्वास्थ्य संबंधी सूचना: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और इसे चिकित्सकीय सलाह न समझें। यदि लक्षण बने रहते हैं या बढ़ते हैं, तो कृपया डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करें।

अपनी फिटनेस यात्रा को अगले स्तर पर ले जाने के लिए और सुझाव पाएं।

अभी और जानें

ACSM, “Pregnancy Physical Activity Recommendations” – यह पुष्ट करता है कि गर्भावस्था के दौरान पेल्विक फ्लोर से जुड़े व्यायाम रोजाना करने की सलाह दी जाती है

ACSM, “Physical Activity Guidelines” – यह पुष्ट करता है कि वयस्कों को सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशी-मजबूती वाले व्यायाम करने चाहिए

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स्रोत: Atovia (Atovia). https://atovia.kr

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